मुंबई उच्चन्यायालय राकांपा नेता छगन भुजबल की जमानत पर फैसला उच्चस्तरीय स्वास्थ्य समिति की रिपोर्ट देखने के बाद करेगा। भुजबल के स्वास्थ्य से संबंधित यह रिपोर्ट 27 को कोर्ट में पेश की जाएगी।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 14 मार्च को गिरफ्तार किए गए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उच्चन्यायालय में जमानत की अर्जी लगाई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष अदालत में यह अर्जी खारिज होने के बाद वह उच्चन्यायालय के सामने पहुंचे हैं।
भुजबल की अर्जी में कहा गया था कि वह मधुमेह, श्वांस, रक्तचाप एवं हृदय रोगों से पीड़ित हैं। इन रोगों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। अभियोजन पक्ष की वकील पूर्णिमा कंथारिया ने यह कहते हुए उनकी जमानत का विरोध किया कि सरकारी अस्पताल में भुजबल का अच्छा इलाज चल रहा है। अभी जांच पूरी नहीं हुई है, इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद जज ने ईडी को निर्देश दिए कि सरकारी डॉक्टरों के उच्चस्तरीय पैनल द्वारा छगन भुजबल की जांचकर यह रिपोर्ट 27 मई को उनके सामने पेश की जानी चाहिए। उसके बाद ही वह भुजबल की जमानत पर कोई फैसला करेंगे। बता दें कि दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन निर्माण घोटाले एवं मुंबई में एक भूखंड के घोटाले एवं इन घोटालों से पैसा कमाकर विदेश भेजने के मामले में ईडी एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भुजबल, उनके भतीजे समीर एवं बेटे पंकज भुजबल पर आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। इसी मामले में पहले समीर और फिर छगन भुजबल को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों को फिलहाल मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा गया है।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 14 मार्च को गिरफ्तार किए गए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उच्चन्यायालय में जमानत की अर्जी लगाई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष अदालत में यह अर्जी खारिज होने के बाद वह उच्चन्यायालय के सामने पहुंचे हैं।
भुजबल की अर्जी में कहा गया था कि वह मधुमेह, श्वांस, रक्तचाप एवं हृदय रोगों से पीड़ित हैं। इन रोगों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। अभियोजन पक्ष की वकील पूर्णिमा कंथारिया ने यह कहते हुए उनकी जमानत का विरोध किया कि सरकारी अस्पताल में भुजबल का अच्छा इलाज चल रहा है। अभी जांच पूरी नहीं हुई है, इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद जज ने ईडी को निर्देश दिए कि सरकारी डॉक्टरों के उच्चस्तरीय पैनल द्वारा छगन भुजबल की जांचकर यह रिपोर्ट 27 मई को उनके सामने पेश की जानी चाहिए। उसके बाद ही वह भुजबल की जमानत पर कोई फैसला करेंगे। बता दें कि दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन निर्माण घोटाले एवं मुंबई में एक भूखंड के घोटाले एवं इन घोटालों से पैसा कमाकर विदेश भेजने के मामले में ईडी एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भुजबल, उनके भतीजे समीर एवं बेटे पंकज भुजबल पर आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। इसी मामले में पहले समीर और फिर छगन भुजबल को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों को फिलहाल मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा गया है।
This comment has been removed by the author.
ReplyDeleteread दूसरी क्लास की स्टूडेंट वैशाली के पिता मोनीष यादव रुप से अहमदनगर के रहने वाले हैं। वो हड़पसर इलाके में पेंटिंग का काम करते हैं। वैशाली जब छोटी थी तब उसकी मां उसे छोड़ गई।
ReplyDeletehttps://play.google.com/store/apps/details?id=com.quick.allinone
install
read दोनों पक्षों को सुनने के बाद जज ने ईडी को निर्देश दिए कि सरकारी डॉक्टरों के उच्चस्तरीय पैनल द्वारा छगन भुजबल की जांचकर यह रिपोर्ट 27 मई को उनके सामने पेश की जानी चाहिए। उसके बाद ही वह भुजबल की जमानत पर कोई फैसला करेंगे।
ReplyDeleteinstall https://play.google.com/store/apps/details?id=com.quick.allinone